अम्बर बहराईची

अम्बर बहराईची की रचनाएँ

अब क़बीले की रिवायत है बिखरने वाली अब क़बीले की रिवायत है बिखरने वाली हर नज़र ख़ुद में कोई शहर…

2 months ago