अरविन्द पासवान

अरविन्द पासवान की रचनाएँ

नए सपन सुंदर जोड़ेंगे ख़ूब बढ़ेंगे शृंग चढ़ेंगे रोके-से हम नहीं रुकेंगे ख़ूब खिलेंगे ख़ूब फलेंगे बाधाओं से नहीं झुकेंगे…

2 months ago