‘अर्श’ सिद्दीक़ी

‘अर्श’ सिद्दीक़ी की रचनाएँ

बंद आँखों से न हुस्न-ए-शब का बंद आँखों से न हुस्न-ए-शब का अंदाज़ा लगा महमिल-ए-दिल से निकल सर को हवा…

3 months ago