अली मोहम्मद फ़र्शी

अली मोहम्मद फ़र्शी की रचनाएँ

दाओ फिर घुमाओ आख़िरी दाओ लगाओ क्या ख़बर इस बार आख़िर मिल ही जाए बीस बिलियन साल की वो गुम-शुदा…

2 months ago