अशफ़ाक़उल्ला ख़ां

अशफ़ाक़उल्ला ख़ां की रचनाएँ

आह्वान  कस ली है कमर अब तो, कुछ करके दिखाएंगे, आज़ाद ही हो लेंगे, या सर ही कटा देंगे। हटने…

2 months ago