अहमद नदीम क़ासमी

अहमद नदीम क़ासमी की रचनाएँ

तुझे खोकर भी तुझे पाऊं जहां तक देखूं  तुझे खोकर भी तुझे पाऊं जहाँ तक देखूँ हुस्न-ए-यज़्दां[1] से तुझे हुस्न-ए-बुतां[2] तक देखूं…

2 months ago