आज़ाद अंसारी

आज़ाद अंसारी की रचनाएँ

फुटकर शे’र तबीयत ही दर्द-आश्ना हो गई। दवा का न करना दवा हो गया॥ यूँ याद आओगे हमें इसला[1] खबर न…

2 months ago