आतीक़ अंज़र

आतीक़ अंज़र की रचनाएँ

गुज़िश्ता रात कोई चाँद घर में उतरा था  गुज़िश्ता रात कोई चाँद घर में उतरा था वो एक ख़्वाब था…

3 months ago