आनंद नारायण मुल्ला

आनंद नारायण मुल्ला की रचनाएँ

निगाहों दिल का अफसाना निगाहों दिल का अफ़साना करीब-ए-इख्तिताम आया । हमें अब इससे क्या आया शहर या वक्त-ए-शाम आया…

2 months ago