इक़बाल सुहैल

इक़बाल सुहैल की रचनाएँ

अब दिल को हम ने बंदा-ए-जानाँ बना दिया  अब दिल को हम ने बंदा-ए-जानाँ बना दियाइक काफ़िर-ए-अज़ल को मुसलमाँ बना…

2 months ago