इरफ़ान सत्तार

इरफ़ान सत्तार की रचनाएँ

ब-ज़ोम-ए-अक़्ल ये कैसा गुनाह मैं ने किया  ब-ज़ोम-ए-अक़्ल ये कैसा गुनाह मैं ने किया इक आईना था उसी को सियाह…

2 months ago