‘उनवान’ चिश्ती

उनवान’ चिश्ती की रचनाएँ

दिल का हर ज़ख़्म मोहब्बत का निशाँ हो जैसे दिल का हर ज़ख़्म मोहब्बत का निशाँ हो जैसे देखने वालों…

2 months ago