ओंकारेश्वर दयाल ‘नीरद’

ओंकारेश्वर दयाल ‘नीरद’ की रचनाएँ

बातों की रातें  आँगन में बैठी दो चिड़ियाँ करती थीं आपस में बातें, आओ हिल-मिलकर हम दोनों आज काट दें…

2 months ago