ओम नीरव

ओम नीरव की रचनाएँ

ठहरो साथी  आगे है भीषण अंधकार ठहरो साथी, कर लो थोड़ा मन में विचार ठहरो साथी! दासता-निशा का भोर कहो…

2 months ago