कुसुम जैन

कुसुम जैन की रचनाएँ

ये बूंदे नहीं... बरस पड़े बादल टूट गया धीरज उतर पड़ा आसमान धरती को चूमने ये बूंदें नहीं होंठ हैं…

2 months ago