केदारनाथ सिंह

केदारनाथ सिंह की रचनाएँ

रात पिया पिछवारे रात पिया, पिछवारे पहरू ठनका किया । कँप-कँप कर जला दिया बुझ -बुझ कर यह जिया मेरा…

2 months ago