ख़ान-ए-आरज़ू सिराजुद्दीन अली

ख़ान-ए-आरज़ू सिराजुद्दीन अली की रचनाएँ

फलक ने रंज तीर आह से मेरे ज़ि-बस खेंचा फलक ने रंज तीर आह से मेरे ज़ि-बस खेंचा लबों तक…

2 months ago