ख़ुर्शीद अकरम

ख़ुर्शीद अकरम की रचनाएँ

अक़्ल बड़ी बे-रहम थी दिल को उस के दुख की घड़ी में तन्हा छोड़ दिया जिस्म ने लेकिन साथ दिया…

2 months ago