ख़ुशबीर सिंह ‘शाद’

ख़ुशबीर सिंह ‘शाद’ की रचनाएँ

अब अँधेरों में जो हम ख़ौफ़-ज़दा बैठे हैं  अब अँधेरों में जो हम ख़ौफ़-ज़दा बैठे हैं क्या कहें ख़ुद ही…

2 months ago