गंगादास

गंगादास की रचनाएँ

झूलत कदम तरे मदन गोपाल लाल  झूलत कदम तरे मदन गोपाल लाल, बाल हैं बिशाल झुकि झोंकनि झुलावती।१। कोई सखी…

8 months ago