गंगादास

गंगादास की रचनाएँ

झूलत कदम तरे मदन गोपाल लाल  झूलत कदम तरे मदन गोपाल लाल, बाल हैं बिशाल झुकि झोंकनि झुलावती।१। कोई सखी गावती बजावती रिझावती, घुमड़ि घुमड़ि… Read More »गंगादास की रचनाएँ