ग़ालिब अयाज़

ग़ालिब अयाज़ की रचनाएँ

बस तेरे लिए उदास आँखें  बस तेरे लिए उदास आँखें उफ़ मस्लहत ना-शनास आँखें बे-नूर हुई हैं धीरे धीरे आईं…

2 months ago