जगदंबा प्रसाद मिश्र ‘हितैषी’

जगदंबा प्रसाद मिश्र ‘हितैषी’की रचनाएँ

उच्छवासों से ऐ उर के जलते उच्छ्वासों जग को ज्वलदांगार बना दो, क्लान्त स्वरों को, शान्त स्वरों को, सबको हाहाकार…

4 months ago