जयपाल तरंग

जयपाल तरंग की रचनाएँ

ता-ता थैया जंगल में प्यारा-सा छप्पर, छप्पर में था बकरी का घर। घर में रहती उसकी बिटिया, नाचा करती ता-ता…

10 months ago