जयप्रकाश त्रिपाठी

जयप्रकाश त्रिपाठी की रचनाएँ

अब का तुक्का-पुक्का फाड़ो  अब का तुक्का-पुक्का फाड़ो पढ़ो पहाड़ा भाईजी। चुनाव चुक्का-मुक्का, लिक्खो नया पहाड़ा भाईजी। दिल्ली दाँत निपोरे…

4 months ago