‘ज़हीर’ देहलवी

‘ज़हीर’ देहलवी की रचनाएँ

ऐ मेहर-बाँ है गर यही सूरत निबाह की ऐ मेहर-बाँ है गर यही सूरत निबाह की बाज़ आए दिल लगाने…

1 month ago