ज़ाहिद इमरोज़

ज़ाहिद इमरोज़ की रचनाएँ

इज़हार का मतरूक रास्ता इज़हार-ए-मोहब्बत के लिए लाज़मी नहीं कि फूल ख़रीदे जाएँ किसी होटल में कमरा लिया जाए या…

4 months ago