ज़िया जालंधरी

ज़िया जालंधरी की रचनाएँ

क्या सरोकार अब किसी से मुझे क्या सरोकार अब किसी से मुझे वास्ता था तो था तुझी से मुझे बे-हिसी…

4 weeks ago