जितेन्द्र ‘जौहर’

जितेन्द्र ‘जौहर’की रचनाएँ

बेटे की विदाई अम्मा ने आटे के नौ-दस, लड्डू बाँध दिये; बोलीं- ‘रस्ते में खा लेना, लम्बी दूरी है।’ ठोस…

4 weeks ago