जियाउल हक़ क़ासमी

जियाउल हक़ क़ासमी की रचनाएँ

मैं शिकार हूँ किसी और का मुझे मारता कोई और है मैं शिकार हूँ किसी और का मुझे मारता कोई…

4 weeks ago