जुगलप्रिया

जुगलप्रिया की रचनाएँ

मन तुम मलिनता तजि देहु मन तुम मलिनता तजि देहु। सरन गहु गोविंद की अब करत कासो नेहु॥ कौन अपने…

4 weeks ago