तिलोक चंद ‘महरूम’

तिलोक चंद ‘महरूम’की रचनाएँ

दस्त-ए-ख़िरद से पर्दा-कुशाई न हो सकी दस्त-ए-ख़िरद से पर्दा-कुशाई न हो सकी हुस्न-ए-अज़ल की जलवा-नुमाई न हो सकी रंग-ए-बहार दे…

4 months ago