फ़ज़ल ताबिश

फ़ज़ल ताबिश की रचनाएँ

हर इक दरवाज़ा मुझ पर बंद होता ‎ हर इक दरवाज़ा मुझ पर बंद होता अँधेरा जिस्म में नाख़ून होता…

3 days ago