फ़ज़ल हुसैन साबिर

फ़ज़ल हुसैन साबिर की रचनाएँ

है जो ख़ामोश बुत-ए-होश-रूबा मेरे बाद है जो ख़ामोश बुत-ए-होश-रूबा मेरे बाद गुल खिलाएगा कोई और नया मेरे बाद तू…

5 months ago