फ़ारूक़ शमीम

फ़ारूक़ शमीम की रचनाएँ

दर्द के चेहरे बदल जाते हैं क्यूँ दर्द के चेहरे बदल जाते हैं क्यूँ मर्सिए नग़मों में ढल जाते हैं…

6 months ago