बिरजीस राशिद आरफ़ी

बिरजीस राशिद आरफ़ी की रचनाएँ

धूम ऐसी मचा गया कोहरा धूम ऐसी मचा गया कोहरा जैसे सूरज को खा गया कोहरा बन के अफ़वाह छा…

6 months ago