भारतरत्न भार्गव

भारतरत्न भार्गव की रचनाएँ

छतरी वह बैठी दुबकी कोने में पैबन्द लगी काली सी बूढ़ी याद पिता की टूटी छतरी। डर लगता छूते झरझरा…

10 months ago