भीष्मसिंह चौहान

भीष्मसिंह चौहान की रचनाएँ

हुआ सवेरा बीती रात, प्रात मुसकाया बोलीं चिड़ियाँ-चूँ-चूँ! प्यारा कुत्ता करता फिरता पूँछ हिलाकर-कूँ-कूँ! देने लगीं सुनाई, सड़कों पर- मोटर…

9 months ago