मजरूह सुल्तानपुरी

मजरूह सुल्तानपुरी की रचनाएँ

मुझे सहल हो गईं मंज़िलें मुझे सहल हो गईं मंजिलें वो हवा के रुख भी बदल गये । तिरा हाथ…

2 weeks ago