मह लक़ा ‘चंदा’

मह लक़ा ‘चंदा’ की रचनाएँ

आलम तेरी निगह से है सरशार देखना ‎ आलम तेरी निगह से है सरशार देखना मेरी तरफ़ भी टुक तो…

2 months ago