रमणिका गुप्ता

रमणिका गुप्ता की रचनाएँ

स्पार्टाकस मैं अगर तुम्हें कहूँ कि ब्राह्मणत्व और मनुवाद का चक्रव्यूह तोड़ने के लिए तुम बनो अभिमन्यु— तो ग़लत होगा…

3 weeks ago