रवींद्र ‘शलभ’

रवींद्र ‘शलभ’की रचनाएँ

नाचो-गाओ  ठुमक-ठुमककर, ता-ता-थैया रुन-झुन-झुन-झुन नाचो भैया जैसे नाचें कुँवर कन्हैया! लहर-लहर लहराओ लट्टू बने रहो मत अड़ियल टट्टू, मधुर प्रेरणा…

4 weeks ago