रेशमा हिंगोरानी

रेशमा हिंगोरानी की रचनाएँ

मेरे अपने अश्क़[1] वो काम कर गए मेरे, अश्क़ वो थाम कर गए मेरे! किसी से क़ीमते-वफ़ा[2] सुनकर, अदा वो दाम कर…

2 weeks ago