लोकमित्र गौतम

लोकमित्र गौतम की रचनाएँ

बगावत की कोई उम्र नहीं होती जब डूबते सूरज को मैंने पर्वत चोटियों को चूमते देखा जब बाग़ के सबसे…

1 month ago