वर्षा सिंह

वर्षा सिंह की रचनाएँ

जाने किसकी राह देखतीं, आस भरी बूढ़ी आँखें जाने किसकी राह देखतीं, आस भरी बूढ़ी आँखें । इंतज़ार की पीड़ा…

2 months ago