वली ‘उज़लत’

वली ‘उज़लत’ की रचनाएँ

आज दिल बे-क़रार है मेरा आज दिल बे-क़रार है मेरा किस के पहलू में यार है मेरा क्यूँ न उश्शाक़…

2 months ago