शाइस्ता यूसुफ़

शाइस्ता यूसुफ़ की रचनाएँ

  बस वही लम्हा आँख देखे बस वही लम्हा आँख देखेगीजिस पे लिखा हुआ हो नाम अपना ऐसा सदियों से…

2 months ago