शाह ‘नसीर’

शाह ‘नसीर’की रचनाएँ

गो सियह-बख़्त हूँ पर यार लुभा लेता है गो सियह-बख़्त हूँ पर यार लुभा लेता है शक्ल-ए-साया के मुझे साथ…

2 months ago