शिरीष कुमार मौर्य

शिरीष कुमार मौर्य की रचनाएँ

स्याह स्‍याह समय के गाल पर है तिल की तरह नहीं दाग़ की तरह ग़लत दिमाग़ों के उजाले में है…

2 months ago

शिरीष कुमार मौर्य की रचनाएँ

शामिल आजकल न मैं किसी उत्सव में शामिल हूँ न किसी शोक में न किसी रैली-जुलूस में किसी सभा में…

2 months ago