शिरीष कुमार मौर्य

शिरीष कुमार मौर्य की रचनाएँ

स्याह स्‍याह समय के गाल पर है तिल की तरह नहीं दाग़ की तरह ग़लत दिमाग़ों के उजाले में है…

12 months ago

शिरीष कुमार मौर्य की रचनाएँ

शामिल आजकल न मैं किसी उत्सव में शामिल हूँ न किसी शोक में न किसी रैली-जुलूस में किसी सभा में…

12 months ago