अलीना इतरत

अलीना इतरत की रचनाएँ

मौसम-ए-गुल पर ख़िज़ाँ का ज़ोर चल जाता है क्यूँ  मौसम-ए-गुल पर ख़िज़ाँ का ज़ोर चल जाता है क्यूँ हर हसीं…

2 months ago