कुम्भनदास

कुम्भनदास की रचनाएँ

भक्तन को कहा सीकरी सों काम  भक्तन को कहा सीकरी सों काम। आवत जात पन्हैया टूटी बिसरि गये हरि नाम॥…

2 months ago